एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं
मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन, डाक्टर से मिलें
एनीमिया यानी खून की कमी या रक्त दुर्बलता। यह एक सामान्य बीमारी है। यह वह स्थिति होती है जब हमारे शरीर में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन नहीं होता है। ये कोशिकाएं फेफड़ों से ऑक्सीजन को पूरे शरीर में पहुंचाती हैं। बस्ती के जिला अस्पताल मे तैनात आयुष चिकित्साधिकारी डा. वी.के. ने कहा कि ऐसी स्थिति मे समय रहते डाक्टर से परामर्श लेकर उचित दवाइयां लेनी चाहिये, वरना ये सामान्य बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
एनीमिया के लक्षण
थकान या कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होना या धड़कन का अनियमित होना, चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना या सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई, त्वचा का पीला होना, ठंडे पैर या हाथ, छाती में दर्द, हाथ पैरों मे झुनझुनी और ठंडक, मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन, एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं।
एनीमिया के कारण
एनीमिया के कई कारण हो सकते हैं। सामान्यतया भोजन में आयरन, विटामिन बी 12 या फोलिक एसिड की कमी, अत्यधिक खून बहना (जैसे भारी माहवारी या चोट) पोषक तत्वों को अवशोषित करने में शरीर की असमर्थता एनीमिया के कारण हो सकते हैं।
एनीमिया के प्रकार
आयरन की कमी से होने वाला एनीमियाः जब शरीर में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए पर्याप्त आयरन नहीं होता है। एप्लास्टिक एनीमियाः जब आपकी अस्थि मज्जा सामान्य रूप से काम करना बंद कर देती है और पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन नहीं करती है। हीमोलिटिक एनीमियाः जब लाल रक्त कोशिकाएं मर जाती हैं या बहुत जल्दी नष्ट हो जाती हैं। दीर्घकालिक बीमारी के कारण एनीमियाः जब दीर्घकालिक गुर्दे की बीमारी या मधुमेह जैसी स्वास्थ्य स्थितियों के कारण एनीमिया हो जाता है।
एनीमिया का इलाज
यदि आपको आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया है, तो आपको आयरन सप्लीमेंट की आवश्यकता होगी। आमतौर पर इसके लिए आपको कई महीनों तक आयरन की गोलियां लेनी पड़ती हैं। इन्हें विटामिन सी के साथ लेना अच्छा रहता है, क्योंकि इससे आयरन का अवशोषण बेहतर होता है। ध्यान रखें कि आयरन की गोलियों से कब्ज और काले रंग का मल त्याग जैसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
कुछ मामलों में, आपका डॉक्टर सीधे नस में आयरन चढ़ाने की सलाह दे सकता है। यदि आपके शरीर में विटामिन बी12 या फोलिक एसिड का स्तर कम है, तो डॉक्टर आपको सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दे सकते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक), चुकंदर, अनार, और गुड़ खाएं। संतरा, आंवला या नींबू का सेवन करें, क्योंकि यह शरीर में आयरन को सोखने में मदद करता है। रातभर पानी में भीगी हुई काली किशमिश, खजूर और अंजीर का सुबह खाली पेट सेवन करें।
होम्योपैथी मे उपचार
डा. वी.के. वर्मा ने बताया कि रक्त दुर्बलता दूर करने के लिये होम्योपैथी मे कारगर औषधियां हैं। फेरम मेट, चाइना, फेरम फास, लैसेथिनम, पल्सेटिला, कल्कैरिया फास, कल्कैरिया कार्व, नैट्रमम्योर, काली कार्व 30 या 200 की मात्रा मे चिकित्सक की देखरेख मे ली जा सकती है जो रक्त दुर्बलता को दूर करने मे सहायक होगी।
कौन हैं डा. वी.के. वर्मा
डा. वी.के. वर्मा, जिला अस्पताल बस्ती में तैनात आयुष विभाग के नोडल अधिकारी हैं। आपने करीब 35 साल के चिकित्सा अनुभवों के आधार पर लाखों रोगियों का सफल इलाज किया है। इन्होने बस्ती फैजाबाद मार्ग पर पटेल एस.एम.एच. हॉस्पिटल एवं पैरामेडिकल कालेज, बसुआपार में डा. वी.के. वर्मा इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस सहित कई विद्यालयों की स्थापना की है। खास बात ये है कि इनके अस्पताल में दवाओं के अतिरिक्त रोगियों से कोई चार्ज नही लिया जाता। दवाओं के भुगतान से अस्पताल का खर्च चलता है।। इनकी सेवाओं या परामर्श के लिये इस नम्बर पर संपर्क किया जा सकता है। मो.न. 9415163328












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